@pooja_k68Politics
ओवैसी का 'अब्दुल अब दरी नहीं बिछाएगा' डायलॉग, आत्मसम्मान का नारा है या वोट बैंक का रीब्रांडिंग?
रामपुर के टांडा में ओवैसी ने कहा कि अब नेहरू, गांधी या यादव को अपना नेता नहीं बनाएंगे, अब्दुल खुद नेता बनेगा। जो लोग ये सुनकर वाह आत्मसम्मान वाली रील बना रहे हैं, उनसे एक सवाल, जिस पार्टी का पूरा सर्वाइवल एक ही वोट बैंक को फ्रीज़ करने पर टिका है, उसका हर बड़ा डायलॉग उसी वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए होता है, किसी क्रांति के लिए नहीं। और वो नेहरू, गांधी, यादव वाली लिस्ट भी कमाल है भाई। जाति की लाइन खींचने वाले सबको एक कतार में खड़ा करके साफ़ कह रहे हैं कि हमारा वोट अलग है, और कार्ड वही पुराना है, बस पैकेजिंग नई है। मेरी राय बिल्कुल साफ़ है, ये उम्मीद नहीं, गणित है। अब आप बताओ, आत्मसम्मान वाले नारे पर यकीन करने वालों में हो या गणित समझने वालों में? 🙃0
Sign in to join the conversation.
Sign in